Wednesday, March 15, 2017

इस शहर के लोग ---


लोग पैट पालने का शौक तो पाल लिया करते हैं ,
लेकिन पैट का पेट फुटपाथ पर साफ़ कराते हैं जिस पर खुद चला करते हैं।
फिर कहीं पैर में पैट का पेट त्याग न लग जाये ,
इस डर से इस शहर में लोग सर उठाकर नहीं , सर झुकाकर चला करते हैं।

लोग गऊ को गौ माता तो कह कर बुलाया करते हैं ,
लेकिन कूड़ा कचरा खाने को उन्हें सडकों पर आवारा छोड़ दिया करते हैं।
फिर कहीं पावन गोबर में गाड़ी के टायर न सन्न जाएँ ,
इस डर से इस शहर में लोग सडकों पर गाड़ी जिग जैग चलाया करते हैं।

लोग जंक फ़ूड खाने का शौक तो रख लिया करते हैं ,
लेकिन प्लास्टिक के रैपर और खाली बोतल सड़क पर ही फेंक दिया करते हैं।
फिर गंदगी से कहीं महामारी न फ़ैल जाये ,
इस डर से नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को ही सारा दोष दिया करते हैं।

लोग बड़ी बड़ी गाड़ियां तो सडकों पर चलाया करते हैं ,
लेकिन बेतरतीब चलाते ट्रैफिक के नियमों का पालन नहीं किया करते हैं।
फिर कहीं ज़रा सा छूने पर इज़्ज़त न चली जाये ,
इस डर से इस शहर के लोग रोड रेज़ में मरने मारने पर उतर आया करते हैं।

लोग बड़े बड़े मंचों पर बड़ी बड़ी बातें तो बनाया करते हैं ,
लेकिन मुसीबत में फंसे किसी मुसीबत के मारे की मदद नहीं किया करते हैं।
फिर कहीं कोर्ट कचहरी पुलिस के चक्कर में न फंस जाएँ ,
इस डर से इस शहर के लोग अक्सर नज़र बचाकर निकल जाया करते हैं।  

लोग बेटी बचाओ आंदोलन तो चलाया करते हैं ,
लेकिन बेटे की चाहत में अजन्मे बच्चे का लिंग परिक्षण कराया करते हैं।
फिर कहीं स्वास्थ्य विभाग की नज़र में न आ जायें ,
इस डर से इस शहर के लोग चोरी चुपके से गर्भपात भी कराया करते हैं।

इस शहर के लोग मौज मस्ती से जीया करते हैं ,
लेकिन इनकम टैक्स , सेल्स टैक्स और वैट की चोरी किया करते हैं।
फिर कहीं इनकम टैक्स विभाग की जाँच में न फंस जाएँ ,
इस डर से इस शहर के लोग बात बात पर रिश्वत लिया दिया करते हैं।



7 comments:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" गुरुवार 16 मार्च 2017 को लिंक की गई है.... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  2. आपकी ब्लॉग पोस्ट को आज की ब्लॉग बुलेटिन प्रस्तुति 140 साल का हुआ टेस्ट क्रिकेट मैच और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। सादर ... अभिनन्दन।।

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  3. बहुत खूब ... अच्छी व्यंगात्मक रचना है ... बहुत बधाई ...

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  4. बहुत सही लिखा है

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  5. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (19-03-2017) को

    "दो गज जमीन है, सुकून से जाने के लिये" (चर्चा अंक-2607)

    पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  6. EXPOSE THE CONSPIRACY! GOD AND THE DEVIL ARE BACKWARDS!! DON'T LET GUILT-FEELINGS, FEAR AND OTHER KINDS OF EMOTIONAL MANIPULATION RULE YOUR CHOICES IN LIFE!!

    http://joyofsatan.org/
    http://exposingchristianity.org/
    https://exposingthelieofislam.wordpress.com/
    http://www.666blacksun.net/

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